चलती स्लीपर बस में 16 साल की यूपी की नाबालिग से गैंगरेप, निर्भया कांड की याद ताजा


सुनील नेगी / नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026
2012 के निर्भया गैंगरेप की खौफनाक याद दिलाने वाले एक मामले में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली, मूल रूप से एटा निवासी, 16 साल की 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर मदद मांगने के बाद एक खाली चलती स्लीपर बस के अंदर कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। यह घटना 4 अगस्त की रात की है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, लड़की अपनी मां द्वारा पढ़ाई को लेकर डांटे जाने के बाद बिना बताए घर से निकल गई थी और सेक्टर 63 नोएडा में अपनी चचेरी बहन से मिलने जा रही थी।
भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह गलती से परी चौक पर उतर गई और जब उसे एहसास हुआ कि वह फंस गई है, तो उसने मदद के लिए वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को हाथ देकर रोका।
पुलिस ने बताया कि यह बस सूरजपुर की एक वर्कशॉप में मरम्मत के बाद खाली लौट रही थी। बस के कंडक्टर संदीप और ड्राइवर कुलदीप ने उसे बताया कि वे नोएडा सेक्टर 63 की तरफ ही जा रहे हैं और उसे छोड़ देंगे।
लड़की यह सोचकर बस में चढ़ गई कि वह सुरक्षित रहेगी, लेकिन पुलिस ने कहा कि बस के दिल्ली की ओर चलने के कुछ ही देर बाद कंडक्टर ने उस पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं, जिसका उसने विरोध किया।
अपनी शिकायत में उसने आरोप लगाया है कि ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने उसे पर्दे से घिरी स्लीपर बर्थ के अंदर बेरहमी से रेप किया, उसकी पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगर उसने पुलिस को बताया तो उसे गंभीर अंजाम भुगतना होगा।
आरोपियों ने फिर बस को एनसीआर में लगभग 47 किलोमीटर तक चलाया और देर रात उसे कश्मीरी गेट ISBT टर्मिनल के पास रिंग रोड पर छोड़कर यह सोचकर भाग गए कि अगर उसे दिल्ली में फेंक देंगे तो वे पकड़े नहीं जाएंगे।
डरी-सहमी किशोरी एक महिला कांस्टेबल की मदद से कश्मीरी गेट थाने पहुंची, अपनी आपबीती सुनाई और उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
उसके बयान के आधार पर दिल्ली पुलिस ने गैंगरेप, अपहरण, मारपीट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज की और उसी दिन तिमारपुर के एक पार्किंग एरिया से दोनों आरोपियों, ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया।
यूपी नंबर की स्लीपर बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जहां से लड़की के बालों के नमूने बरामद हुए हैं और परी चौक से कश्मीरी गेट तक के पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर घटनाक्रम को स्थापित किया जा रहा है। नॉर्थ जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है और कहा है कि आगे की जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी को हिला कर रख दिया है और 16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं, जब 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती प्राइवेट बस में ड्राइवर समेत छह लोगों ने बेरहमी से गैंगरेप और यातनाएं दी थीं, उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट की थी और उसे चलती बस से बाहर फेंक दिया था, जिससे 13 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी।
उस मामले ने देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया था, जब लाखों लोग, खासकर युवा और छात्र, इंडिया गेट, जंतर-मंतर और देश भर में सड़कों पर उतर आए थे और दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे थे, जिसके बाद जस्टिस जे.एस. वर्मा कमेटी की सिफारिशें और यौन उत्पीड़न के खिलाफ आपराधिक कानून में कड़े संशोधन किए गए थे।
इसी तरह मुंबई के शक्ति मिल गैंगरेप और उन्नाव और हाथरस जैसे कई अन्य मामलों में भी बड़े पैमाने पर जन विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। पुलिस ने कहा है कि मौजूदा मामले की जांच भी उसी तर्ज पर की जा रही है और प्राइवेट बसों की सुरक्षा और ड्राइवरों व कंडक्टरों के सत्यापन को और सख्त किया जा रहा है।




