राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, धारा 196 और धारा 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक बड़ी खबर है, जहाँ संसद परिसर में हुए एक हालिया विरोध प्रदर्शन और नाटक को लेकर राहुल गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
चंपावत जिले के पाटी थाने में सनातन धर्म के अनुयायी और एक जागरूक नागरिक राजेश बिष्ट द्वारा एक औपचारिक तहरीर (शिकायत पत्र) दी गई है।
इस शिकायत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव यानी राजेश रंजन और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद को मुख्य रूप से नामजद किया गया है।
मामला 31 जुलाई 2026 का है, जब संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कथित नाटक या स्कट का मंचन किया गया था।
आरोप है कि इस नाटक के दौरान कुछ लोगों ने हिंदू संतों और साधुओं की वेशभूषा धारण की थी और जानबूझकर एक ऐसा प्रॉप इस्तेमाल किया जो मंदिरों की दान-पेटी जैसा प्रतीत होता है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मंचन के जरिए हिंदू धर्म की आस्था, साधु-संतों के सम्मान और श्री राम मंदिर तथा मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले दान की पवित्र प्रथा का अपमान किया गया है।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि यह कृत्य महज़ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए किया गया एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास था।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, धारा 196 और धारा 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
पुलिस प्रशासन को दी गई इस तहरीर के बाद से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर हलचल काफी तेज हो गई है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन आगे क्या कानूनी कदम उठाता है और इस पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।





