निजी भूमि पर नाला निर्माण का विरोध, ग्रामीण हित में वैकल्पिक मार्ग अपनाने की मांग
न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर निर्माण रोकने को सिंचाई विभाग से आग्रह



कोटद्वार।
ग्राम निम्बूचौड़, पट्टी मोटाढाक क्षेत्र में प्रस्तावित नाला निर्माण को लेकर भूमि स्वामी श्री उमेश चन्द्र नौटियाल ने सिंचाई विभाग से जनहित एवं न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई विभाग दुगड्डा को पत्र प्रेषित कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
श्री नौटियाल ने बताया कि ग्राम निम्बूचौड़ स्थित उनकी पुश्तैनी भूमि राजस्व अभिलेखों में खाता संख्या 8 एवं खाता संख्या 110 के अंतर्गत दर्ज है, जिस पर वह लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि के सीमांकन को लेकर असिस्टेंट कलेक्टर, कोटद्वार न्यायालय में राजस्व वाद संख्या 04/23, धारा 41 के अंतर्गत मामला वर्तमान में विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद यदि निजी भूमि पर नाला निर्माण किया जाता है तो इससे भूमि संबंधी विवाद एवं भविष्य में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने विभाग से आग्रह किया है कि पहले न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने दी जाए।
श्री नौटियाल ने यह भी बताया कि दुर्गापुरी एवं निम्बूचौड़ क्षेत्र से आने वाली पीडब्ल्यूडी दुगड्डा की दाईं नाली वर्तमान में उनकी भूमि के पश्चिमी भाग में छोड़ी गई है, जिसके कारण प्रत्येक वर्ष भूमि कटाव हो रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि नाले का निर्माण निजी भूमि से होकर कराने के बजाय सड़क किनारे किया जाए तथा उसे सुखरौ नदी से जोड़ा जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर जल निकासी सुविधा मिल सके और निजी भूमि भी प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पूर्व में दिए गए ज्ञापन को कोटद्वार विधायक श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण द्वारा पीडब्ल्यूडी दुगड्डा को भी प्रेषित किया जा चुका है।
श्री नौटियाल ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड शासन, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल एवं कोटद्वार विधायक से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर ग्रामीण हित एवं न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप समाधान कराने का आग्रह किया है। उन्होंने सिंचाई विभाग से प्रस्तावित नाला निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने एवं की गई कार्यवाही से लिखित रूप में अवगत कराने की मांग की है।




