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भूस्खलन से संकट में पंचतत्व आश्रम, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

SUNIL NEGI

श्रीनगर गढ़वाल/उत्तराखंड।
पंचतत्व – द लॉ ऑफ क्रिएशन संस्था द्वारा संचालित पंचतत्व आश्रम, बालोड़ी (श्रीनगर-खिर्सू मोटर मार्ग) हाल ही में हुए भीषण भूस्खलन के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। आश्रम परिसर के पीछे भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा जमा हो गया है, जो कभी भी खिसककर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

संस्था के संरक्षक श्रीगुरुजी डॉ. मनोज के. जुयाल ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि मलबा सीधे आश्रम के कंप्यूटर लैब के ऊपर स्थित है, जहां भूस्खलन के समय 16 बच्चे मौजूद थे। वर्तमान में आश्रम में 32 आवासीय छात्र रह रहे हैं, जिनकी सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है।

पंचतत्व संस्था वैदिक विज्ञान, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र और उपनिषदों के अध्ययन एवं संरक्षण के लिए समर्पित है। यह संस्था परंपरागत ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए बालोड़ी गांव में संस्कृत विद्यालय का भी संचालन करती है।

डॉ. जुयाल ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

1. भूस्खलन के मलबे को तत्काल हटाया जाए।

2. भविष्य में जोखिम से बचाव हेतु रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण किया जाए।

3. पंचतत्व आश्रम को क्षेत्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मानचित्र में शामिल किया जाए, जिससे यहां स्थित नवग्रह मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को बढ़ावा मिल सके।

इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी को आश्रम का दौरा करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि संस्था वैदिक विज्ञान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से अवगत कराने के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी प्रत्यक्ष रूप से साझा करना चाहती है।

संस्था ने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र में वैदिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।

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