महिला उद्यमिता, कौशल एवं सतत विकास पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित गौचर, चमोली, 5 जून


विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन नई दिल्ली एवं बहू-बेटी सेवार्थ स्वयं सहायता समूह के संयुक्त तत्वावधान में शिवालिक पब्लिक स्कूल, गौचर में “महिला उद्यमिता, कौशल एवं सतत विकास” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड भाजपा के प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर के पैनलिस्ट एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सतीश लखेड़ा एवं विशिष्ट अतिथियों में श्री अनिल जोशी, एक सफल उद्यमी और वुडन अम्ब्रेला होटल के मालिक, गौचर एवं श्रीमती सरोजनी भंडारी अध्यक्ष भाजपा मंडल महिला , श्रीमती कल्पेश्वरी देवी, प्रधान रानो मोर्चा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन के मुख्य समन्वयक एवं ओएनजीसी के पूर्व महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री दुर्गा सिंह भण्डारी ने की। अतिथियों का स्वागत पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।
स्वागत संबोधन में बहू-बेटी सेवार्थ स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश भण्डारी (काजल) ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा स्वरोजगार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी समाज और राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
अपने संबोधन में श्री दुर्गा सिंह भण्डारी ने महिला उद्यमिता, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता तथा विपणन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में एकल-उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज़ प्लास्टिक) का प्रयोग बंद करना चाहिए तथा जल, ईंधन और ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। उन्होंने हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) को अपनाने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाओं के पास पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय संसाधन एवं उद्यमशीलता की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक और विपणन से जोड़कर सशक्त बनाया जा सकता है।
श्री अनिल जोशी, एक सफल उद्यमी और वुडन अम्ब्रेला होटल के मालिक गौचर ने ग्राम्य महिलाओं के लिए इस प्रकार के उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन हेतु आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे ऐसे अवसरों का भरपूर लाभ उठाएँ तथा अपने ज्ञान और कौशल का विकास करें। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सतीश लखेड़ा ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए महिलाओं को स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती सीमा भण्डारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद मुख्य अतिथि श्री सतीश लखेड़ा , अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान बहू-बेटी सेवार्थ स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष एवं उद्यमिता विषय की मास्टर ट्रेनर श्रीमती कमलेश भण्डारी (काजल) ने महिला उद्यमिता, कौशल विकास, स्वरोजगार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। श्री दुर्गा सिंह भण्डारी ने महिलाओं को डिजिटल साक्षरता, डिजिटल मार्केटिंग, व्यवसाय प्रबंधन, SWOT विश्लेषण तथा स्थानीय उत्पादों के प्रभावी विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। श्रीमती काजल भंडारी ने कार्यक्रम का संचालन बहुत प्रभावी ढंग से किया।




