उत्तराखंड लोक मंच द्वारा आयोजित बैठकी होली में बिखेरा उत्तराखंड की पारंपरिक होली का रंग




दिल्ली एनसीआर में समाज को अपनी परम्पराओं की जड़ों से जोड़ रहा उत्तराखंड लोक मंच द्वारा पंचकुईया रोड़ स्थित उत्तराखंड की लोक संस्कृति के प्रमुख केंद्र गढ़वाल भवन के सभागार में आयोजित भव्य
उत्तराखंड की पारंपरिक बैठकी होली में राठ क्षेत्र पौड़ी गढ़वाल व साहिबाबाद से आयी हुल्यारों की टीमों द्वारा प्रस्तुत होली गीतों ने अपार जनसमूह का दिल जीत लिया। लोक गायक सतेंद्र फंडरियाल द्वारा जग प्रसिद्ध गीत *”नी-जाण-नी जाण सतपुली क बाजार मेरी बौ सुरुली”* ने समां बांध दिया। सर्वेश्वर बिष्ट के संगीत में भुवन रावत के होली गीतों ने समारोह को और रंगमय बना दिया। नीरज बवाड़ी व मीना कंडवाल की जुगलबंदी में होली गीतों पर जनता जमकर थिरकी।
*उत्तराखंड लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती* के नेतृत्व में शानदार, भव्य बैठी होली का आयोजन किया गया। लोकमंच अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती का कहना था की अपनी संस्कृति को जोड़ने के लिए हम पिछले सात सालों से लगातार इस तरह का आयोजन करते आ रहे हैं।
लोक मंच महासचिव पवन मैठानी के अनुसार समारोह में भारी संख्या में मातृ शक्ति ने भाग लिया। समाज के प्रमुख विभूतियों में जिला जज (गाजियाबाद) विनोद रावत, सीनियर अधिवक्ता संदीप शर्मा, चारू तिवारी, डॉ. शरद पांडे, वरिष्ठ पत्रकार सुनील नेगी, पी.एस. नेगी, मुकेश हिंदवांण, गढ़वाल हितैषिणी सभा के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, राकेश गौड़, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लक्ष्मण सिंह रावत, पी. एन. शर्मा, पूर्व निगम पार्षद गीता रावत, खुशहाल सिंह बिष्ट, डॉ. ए.पी.लखेड़ा, प्रभाकर पोखरियाल, आर.पी. चमोली , वीरेन्द्र सिंह नेगी, राकेश बुडाकोटी, दिनेश ध्यानी, नीरज बवाड़ी, मीना कंडवाल आदि। समारोह के अंत में आयोजकों द्वारा उत्तराखंडी खान-पान की सुंदर व स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था थी। *शानदार समारोह का सुंदर मंच संचालन उत्तराखंड लोक मंच के महासचिव पवन कुमार मैठानी ने किया।*




