राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना की अधिसूचना जारी, अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए चिकित्सा व्यय (आईपीडी) की सीमा 10 लाख रूपये प्रति वर्ष, आरजेएचएस में मातृत्व चिकित्सा, आईपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाएं कैशलेस उपलब्ध होगी

राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना की अधिसूचना जारी, अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए चिकित्सा व्यय (आईपीडी) की सीमा 10 लाख रूपये प्रति वर्ष, आरजेएचएस में मातृत्व चिकित्सा, आईपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाएं कैशलेस उपलब्ध होगी – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भीलवाड़ा में आरजेएचएस का किया था शुभारंभ
जयपुर, 04 अप्रेल। राज्य सरकार पत्रकार कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में पत्रकारों के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना (आरजेएचएस) की अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गई। उल्लेखनीय है कि इस योजना का शुभारंभ भीलवाड़ा में (28 मार्च) को राज्य स्तरीय विकास एवं सुशासन उत्सव में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया था।
राज्य सरकार से अधिस्वीकृत समस्त पत्रकार आरजेएचएस के लिए पात्र होंगे। इस योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद अधिस्वीकृत पत्रकारों को आरजीएचएस की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। योजना के अनुसार, पात्र पत्रकारों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष की चिकित्सा व्यय (आईपीडी) की सुविधा मिलेगी। साथ ही, ओपीडी की सुविधा मेडिकल डायरी के अनुसार देय होगी। अधिस्वीकृत पत्रकारों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधा के लिए आईडी कार्ड भी जारी किए जाएंगे।
योजना में बीमित व्यक्ति को आरजीएचएस में परिभाषित अनुमोदित अस्पतालों में किए गए सभी इनडोर उपचारों तथा शल्य चिकित्साओं के लिए कैशलेस सुविधा प्रदान की जाएगी। अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तथा पंद्रह दिन बाद तक की अवधि के दौरान किए गए प्रासंगिक चिकित्सा व्यय को दावे के हिस्से के रूप में माना जाएगा। आरजेएचएस योजना के अन्तर्गत मातृत्व चिकित्सा, अन्तः रोगी उपचार (आईपीडी) और अन्य चिकित्सा सुविधाएं कैशलेस उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पत्रकार कल्याण के लिए पूर्व में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्वतंत्र पत्रकारों के अधिस्वीकरण की आयु सीमा तथा अनुभव में छूट देते हुए न्यूनतम पात्रता आयु 45 वर्ष तथा पत्रकारिता का अनुभव 15 वर्ष किया। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए नव-प्रसारक नीति जारी की। इसी प्रकार पत्रकारों को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए सम्मानित करने हेतु बिशन सिंह शेखावत पत्रकारिता पुरस्कार देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। वहीं पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।