बांग्लादेश: शेख हसीना के देश छोड़ने का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले पूर्व एयरफोर्स अधिकारी की नदी में मिली लाश, मौत पर उठे सवाल

NEERAJ THAKUR
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने से जुड़े चर्चित वीडियो के मामले में सामने आए पूर्व एयरफोर्स अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट केएम तहसिफ सूरी (28) का शव 28 अक्टूबर 2026 को ढाका की तुराग नदी से बरामद किया गया। वह 27 अक्टूबर से लापता थे। उनकी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तहसिफ सूरी उस वीडियो को रिकॉर्ड करने वाले अधिकारी बताए जाते हैं, जिसमें 5 अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर जाते हुए दिखाया गया था। उस दिन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था और बांग्लादेश से रवाना हो गई थीं।
इस वीडियो को लेकर तहसिफ का नाम चर्चा में आया था। बाद में उन्हें वायुसेना से रिटायर कर दिया गया। हालांकि, बांग्लादेश की सैन्य जनसंपर्क एजेंसी ISPR ने अगस्त 2025 में स्पष्ट किया था कि उनकी रिटायरमेंट निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत हुई थी और इसे विदेशी खुफिया एजेंसी से जुड़े आरोपों से जोड़ना सही नहीं है।
27 अक्टूबर को लापता, अगले दिन नदी में मिला शव
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तहसिफ 27 अक्टूबर को लापता हो गए थे। बुधवार, 28 अक्टूबर को ढाका के उत्तरी इलाके में राजाबाड़ी घाट के पास तुराग नदी में उनका शव मिला। नदी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा।
प्रारंभिक जांच में शव पर बाहर से चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। हालांकि, इससे मौत की वजह स्पष्ट नहीं होती। पुलिस ने कहा है कि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
हत्या या हादसा? जांच के नतीजों का इंतजार
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या तहसिफ की मौत का संबंध शेख हसीना के देश छोड़ने वाले वीडियो से था? सोशल मीडिया पर इसे संदिग्ध मौत और संभावित साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन अभी तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में उनकी हत्या, अपहरण या किसी खुफिया एजेंसी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यदि किसी अधिकारी को संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद नौकरी से हटाया गया हो और बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाए, तो पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, सच सामने आने का है। क्या यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी? इसका जवाब अटकलों से नहीं, बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकता है।



