जोधा फिल्म्स के सीएमडी और चर्चित उत्तराखंडी फिल्मों ‘चक्रव्यूह’ व ‘घंघतोल’ के निर्माता संजय जोशी का उत्तराखंड भवन में भव्य सम्मान – संस्कृति संरक्षण और रिवर्स पलायन के लिए किए गए कार्यों की सराहना






SUNIL NEGI
शनिवार, 24 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड भवन में एक गरिमामय एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सम्मान समारोह में दो अत्यंत प्रशंसित उत्तराखंडी फिल्मों चक्रव्यूह और घंघतोल के निर्माता, जोधा फिल्म्स के सीएमडी और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले अग्रणी उद्यमी संजय जोशी को उत्तराखंड की देवतुल्य हस्तियों द्वारा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, धरोहर और कलाओं को सार्थक सिनेमा के माध्यम से संरक्षित और संवर्धित करने तथा हिमालयी राज्य के स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करने के उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने रिवर्स पलायन की दिशा में उनके अभिनव और अनुकरणीय प्रयास को भी रेखांकित किया, जिसके तहत उन्होंने अपने निकटजनों और रिश्तेदारों को प्रारंभिक तौर पर उत्तराखंड के जॉलीकोट में एक सुव्यवस्थित कॉलोनी स्थापित कर बसाया है, ताकि अन्य लोगों को भी अपनी जड़ों से जुड़ने और देवभूमि लौटने की प्रेरणा मिल सके।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों का जमावड़ा लगा, जिन्होंने संजय जोशी की मिलनसार प्रकृति, असाधारण प्रतिभा, बुद्धिमत्ता और सबसे बढ़कर पहाड़ के प्रति उनके अटूट समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। समारोह के मुख्य अतिथि एयर वाइस मार्शल, वयोवृद्ध, वीएसएम राजेश भंडारी रहे, जो स्वयं एक सांस्कृतिक ध्वजवाहक और नवंबर के अंतिम सप्ताह में रिलीज होने वाली बहुप्रतीक्षित गढ़वाली फिल्म कांडली के निर्माता हैं, उन्होंने अपने संबोधन में संजय जोशी को एक ऐसे दूरदर्शी के रूप में बताया जिन्होंने पहाड़ के प्रति अपने प्रेम को ठोस सिनेमाई कर्म में बदल दिया है। इस गरिमामय अवसर पर जिन प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे और जोशी के योगदान की सराहना की, उनमें थिएटर और फिल्म व्यक्तित्व श्रीमती सुशीला रावत, आर एस रावल आईआरएस सेवानिवृत्त प्रधान आयकर आयुक्त, दिल्ली में मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती, ओ पी मिश्रा आईएएस सेवानिवृत्त मुख्य सचिव, डीयूयूएस के अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, आईआईटी लेखक एवं संपादक संजीव सरीन, थिएटर कलाकार एवं निर्देशक लक्ष्मी रावत, उत्तराखंडी फिल्मों की अभिनेत्री श्रीमती कर्नाटका, अभिनेता श्री असवाल, वरिष्ठ पत्रकार एवं यूकेशनन्यूज के संपादक और उत्तराखंड जर्नलिस्ट फोरम के अध्यक्ष सुनील नेगी, गिनीज बुक रिकॉर्ड धारक गोपाल उप्रेती, विंग कमांडर एवं पायलट हंसा दत्त लोहनी, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वौथान के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह लदवाल, त्रिलोक पी जोशी, भुवन चंद्र, प्रसिद्ध एंकर एवं अभिनेता हेम पंत, डॉ शरद जोशी, सुधीर धर, मुकुंद धर, सुश्री लक्ष्मी रावत, अधिवक्ता संजय दरमोड़ा, समीर शर्मा, आर्ची शर्मा, सुधीर पंत, जगदीश नेगी, राजू बोरा, आकाश जोशी, राहुल बडोला, कुलदीप असवाल, देवेंद्र वर्मा, नीता जोशी, जीवन चंद एवं उनकी धर्मपत्नी और नीरज बावरी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सभी वक्ताओं को भी सम्मान स्वरूप पारंपरिक पटका पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्होंने अपने ओजस्वी भाषणों में कहा कि संजय जोशी ने न केवल फिल्म निर्माण में उच्च मानदंड स्थापित किए हैं, बल्कि जॉलीकोट में बसावट और आजीविका के अवसर सृजित कर रिवर्स पलायन सुनिश्चित करने जैसी स्वस्थ पहल भी की है, जो आज के समय में जब पलायन पहाड़ों को खोखला कर रहा है, अत्यंत अनुकरणीय है। इस पूरे आयोजन का कुशल संचालन नीरज बावरी द्वारा किया गया, वहीं दिल्ली में मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती ने उत्तराखंड की प्रतिभाओं को पहचान कर सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की इस अनूठी पहल में महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाई, ताकि उनमें समाज के प्रति अधिक रुचि, समर्पण और अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक, बोली-भाषा और राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करने की प्रेरणा जागृत हो सके।

