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30 हजार फीट पर खून से लथपथ हीरो: कैप्टन स्मित ने चाकू खाकर भी 174 जिंदगियां बचाईं

ये 30 सितंबर 2026 की सुबह की बात है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 एक रूटीन उड़ान की तरह सुबह सात बजकर पांच मिनट पर दुबई एयरपोर्ट से टेक ऑफ करती है। इस बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में एक सौ चौहत्तर लोग सवार थे, जिनमें सत्ताईस बच्चे भी शामिल थे और साथ ही चार पायलट मौजूद थे, दो जो प्लेन उड़ा रहे थे और दो ऑफ ड्यूटी पायलट जो एक पैसेंजर की तरह वापस जा रहे थे। करीब ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य चलता है, विमान चौंतीस हजार फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा होता है और जॉर्डन सऊदी अरब बॉर्डर के पास पहुंचता है, तभी अचानक कॉकपिट के अंदर कुछ ऐसा होता है जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया।

इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ओमान मूल के को-पायलट ने अचानक भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को जानबूझकर क्रैश करने की कोशिश की। इसी दौरान विमान ने खतरनाक गोता लगाना शुरू कर दिया, फ्लाइटरडार के डेटा के अनुसार विमान महज उनतीस सेकंड में तीस हजार आठ सौ पचहत्तर फीट से सीधे सोलह हजार सात सौ पचास फीट पर आ गिरा, यानी लगभग चौदह हजार फीट की सीधी गिरावट। केबिन के अंदर ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गिरे, अलार्म बजने लगे, यात्रियों में चीख पुकार मच गई। प्लेन से दो बार इमरजेंसी कोड भी भेजे गए, पहले सेवेन सेवन जीरो जीरो यानी जनरल इमरजेंसी और फिर सेवेन फाइव जीरो जीरो यानी हाईजैक का कोड, जिसके बाद इजरायल ने अपने फाइटर जेट भी रवाना कर दिए।

और यहीं पर मुंबई के घाटकोपर ईस्ट के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छर की असली वीरता सामने आती है। स्मित इससे पहले स्पाइसजेट में कमांडर रह चुके हैं, दो हजार बाईस में उन्होंने फ्लाई दुबई ज्वाइन किया था और उनके पास बोइंग सेवन थ्री सेवन पर करीब नौ हजार सात सौ पचास घंटों का अनुभव है। चाकू के कई वार से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, खून से लथपथ जमीन पर गिरे होने के बावजूद उन्होंने अपनी आखिरी ताकत बटोर कर कॉकपिट के दरवाजे का अनलॉक बटन दबा दिया। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने खुद कहा कि उन्होंने अपनी ऊर्जा के आखिरी क्षण में दरवाजा खोला। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्री अंदर दाखिल हो गए, पैसेंजर यानिव हायुन ने हमलावर को पीछे से पकड़ कर चोकहोल्ड में जकड़ लिया और कॉकपिट से बाहर खींच लिया, वहीं दो ऑफ ड्यूटी फ्लाई दुबई पायलटों ने जो पैसेंजर के तौर पर सफर कर रहे थे, उन्होंने कंट्रोल संभाला और विमान को स्थिर किया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी एक सौ चौहत्तर यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, कैप्टन स्मित को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है, जबकि हमलावर को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।

इस घटना के बाद पूरी दुनिया ने कैप्टन स्मित को सलाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं जिन्होंने सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त साहस दिखाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री जयशंकर ने भी उनके जज्बे को सराहा, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया और कहा कि एक भारतीय ने एक सौ चौहत्तर जिंदगियां बचाईं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उन्हें हीरो करार दिया। इजरायल में तो इसे नाइन इलेवन स्टाइल अटैक को रोकने जैसा माना जा रहा है। इस पूरे मामले की जांच अब सऊदी एविएशन अथॉरिटी, यूएई और इजरायल की एजेंसियां मिलकर कर रही हैं, लेकिन एक बात तय है कि अगर उस दिन तीस हजार फीट पर घायल अवस्था में भी कैप्टन स्मित ने वो दरवाजा न खोला होता तो आज कहानी कुछ और ही होती।

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