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प्रसिद्ध उत्तराखंडी गायक किशन महिपाल ने रोहिणी उत्तराखंड उत्सव में अपना जलवा बिखेरा



कल, 1 February, तीसरे दिन Uttarakhand Utsav, Rohini के समापन समारोह में, दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंडियों के इस भव्य आयोजन को बड़ी सफलता मिली। भारत के अंतिम गांव बद्रीनाथ के पास स्थित माना गांव के प्रख्यात गढ़वाली गायक किशन महिपाल ने अपनी मधुर आवाज और मनमोहक धुनों से हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कल के समारोह में वे वाकई ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे, जिन्होंने अपनी ऊर्जा और उत्साह से सभी को अंत तक नाचने पर मजबूर कर दिया।

युवा, लड़कियां, महिलाएं और यहां तक ​​कि बुजुर्ग भी भरपूर आनंद उठा रहे थे। समापन दिवस पर अल्मोड़ा के सांसद और केंद्रीय परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री अजय Ajay Tamta मुख्य अतिथि थे, जिन्होंने संगीतकारों, आयोजकों, गायकों और इस विशाल आयोजन का उत्कृष्ट संचालन करने वालों को पुरस्कार वितरित किए। दूसरे दिन, गढ़वाल उत्तराखंड की स्वराज कोकिला कल्पना चौहान और उनके बेटे, प्रसिद्ध गायक रोहित चौहान ने अपने मधुर गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संगीतकार समेत कई गायकों को मंत्री Ajay Tamta द्वारा ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इनमें गोविंद दिगारी, नीरज चुफाल, किशन महिपाल, चंद्र प्रकाश, प्रकाश रावत, माया उपाध्याय, दर्शन फरसवान, नवीन टोलिया, सीएमडी चौधरी एंटरप्राइजेज, हरीश जोशी, मन्नू जोशी, नवनीत भैंसोरा, स्वाति भट्ट, मीना भंडारी, संगीत निर्देशक रणजीत, खेम सिंह बिष्ट, एमडी बिष्ट प्रॉपर्टीज और कार्यकर्ता आदि शामिल थे।

रविवार को हुए समापन समारोह में हजारों की भीड़ उमड़ी, विशेषकर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं। उत्तराखंड के स्वादिष्ट organic व्यंजनों, हस्तशिल्प, मनमोहक हथकरघा उत्पादों, स्वेटर, शॉल, हर्बल दवाइयां, बाजरा, Mandwa, फल, जूस और अन्य कई वस्तुओं के लगभग 65 स्टॉल लगाए गए थे, जिनका अच्छा कारोबार हुआ।

इस अवसर पर केंद्रीय परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य मंत्री अजय Ajay Tamta द्वारा प्रसिद्ध मुंबई कौथिग टीम को उसके मुख्य आयोजक केशर सिंह बिष्ट सहित एक ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आयोजकों अनिल पानु, Manoj भंडारी और संजय अग्रवाल आदि को भी सम्मानित किया गया।

तीन दिवसीय यह आयोजन बेहद सफल रहा। रोहिणी, बाहरी दिल्ली, दिल्ली और एनसीआर में रहने वाली उत्तराखंड की आबादी बड़ी संख्या में यहां उमड़ी और सांस्कृतिक उत्सव का भरपूर आनंद उठाया।

इस वर्ष उत्तरायिणी और उत्तराखंड से संबंधित ऐसे कार्यक्रम दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर लगभग सौ जगहों पर पूरे धूमधाम से आयोजित किए गए।

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