शर्मनाक: मुंबई लोकल में दिव्यांग की बेरहमी से पिटाई, चलती ट्रेन से फेंकने की कोशिश!

INDRA YADAV
मुंबई (इंद्र यादव) सपनों के शहर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सीएसएमटी (CSMT) से कर्जत जाने वाली 2:45 की फास्ट लोकल में कुछ दबंगों ने एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की भी कोशिश की।

क्या है पूरा मामला
यह घटना ट्रेन के छठे कोच यानी दिव्यांग डिब्बे में हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, भायखला स्टेशन से 5-6 हट्टे-कट्टे युवक इस आरक्षित डिब्बे में जबरन घुस आए। दादर और कुर्ला के बीच इन युवकों ने वहां मौजूद एक दिव्यांग व्यक्ति (जो दोनों पैरों से पोलियो ग्रस्त था) पर हमला बोल दिया।
हैवानियत की हदें पार
हमलावरों ने दिव्यांग व्यक्ति को नीचे गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इतने से भी मन नहीं भरा तो वे उसे घसीटते हुए दरवाजे तक ले गए, ताकि उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंका जा सके। हमलावर कुर्ला स्टेशन पर उतरकर फरार हो गए, जबकि पीड़ित यात्री घाटकोपर में उतरा। डर और सदमे के कारण फिलहाल कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
उठते कुछ तीखे सवाल.
आरक्षित डिब्बों में अवैध घुसपैठ क्यों? जब यह डिब्बा दिव्यांगों के लिए सुरक्षित है, तो इसमें बिना किसी रोक-टोक के आम यात्री कैसे घुस रहे हैं?
RPF और GRP कहां हैं? रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस की तैनाती के दावों के बीच ऐसी हिंसक वारदातें कैसे हो रही हैं?
यात्रियों की चुप्पी: क्या चलती ट्रेन में एक बेबस दिव्यांग की मदद के लिए किसी का हाथ आगे नहीं आया?
“यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि अपराध है। दिव्यांगों के लिए आरक्षित डिब्बे अब उनकी सुरक्षा के बजाय उनके लिए काल बनते जा रहे हैं।”
मांग: अब कार्रवाई की बारी
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेल प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। मांग की जा रही है कि:
CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
दिव्यांग कोचों में अवैध यात्रियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।
संवेदनशील रूटों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।





