आचार्य राजेश व डॉ सुरेन्द्र सिंह रावत द्वय द्वारा सम्पादित ‘काव्यांजलि 2025’ का भव्य अनावरण

नोएडा, दिल्ली NCR,
दिनांक – 14.02.2026, शनिवार
जब पूरा शहर वैलेन्टाइन डे मनाने या न मनाने के दो ध्रुवों के बीच फंसा हुआ, लाचार सा दिख रहा था तो तभी कुछ साहित्य प्रेमी, साहित्य की नई बुलंदियों को छूने का सफल प्रयास कर रहे थे।
आचार्य राजेश, भारत के 100 सर्वश्रेष्ठ रचनाकारों में शामिल व डॉ सुरेन्द्र सिंह रावत, अंग्रेजी व हिंदी भाषा में साहित्य सृजन करने वाले कवि व साहित्यकार , द्वारा सम्पादित, ‘काव्यांजलि 2025’, देश के 28 चर्चित व कुछ नए रचनाकारों की नवीनतम कविताओं से सुसज्जित , साझा संग्रह का अनावरण कर रहे थे।
कार्यकृम का शुभारम्भ डॉ सीमा अग्निहोत्री चड्ढा ‘अदिति’ ने अपने सुमधुर कण्ठ द्वारा सरस्वती वंदना गायन से कर, सभी को हर्षित किया।
तत्पशचात सभी मुख्य अतिथियों का शाल पहना कर अभिनन्दन किया गया।
इसके बाद ‘काव्यंजलि 2025’ का विधिवत लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर डॉ मनोज उप्रेती द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘मिट्टी के भीतर आवाज’ का भी लोकार्पण किया गया।
तत्पश्चात ‘काव्यांजलि 2025’ की दो दो प्रतियां, ‘मिट्टी के भीतर आवाज’ की एक प्रति व एक स्मृति चिन्ह को एक सुन्दर व बहु उपयोगी पैकिंग में सभी रचनाकारों को देकर सभी को सम्मानित किया गया।
इस सफल व भव्य कार्यकृम का आयोजन गोवो सदस्य वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 137 ,नोएडा के क्लब हाउस में किया गया।
सभा की अध्यक्षता की डॉ दिविक रमेश, प्रख्यात कवि व देश के अग्रणीय व्यंग्य लेखक तथा विशिष्ट अतिथि रहे श्री राम अवतार बैरवा, आकाशवाणी के सहायक कार्यकृम निर्देशक ने।
कार्यकृम में अपनी कविताओं व छन्दों से श्रोताओं को भावनाओं की दुनियां के सफर पर ले जाने वाले कवि रहे – डॉ दिविक रमेश, आचार्य राजेश, राम अवतार बैरवा, डॉ सुरेन्द्र सिंह रावत, अरविन्द पथिक, अरुण कुमार अरुण, कुन्दन सिंह उजरारी, डॉ पवन जैन, डॉ भगवती पनेरू (हलद्वानी), डॉ मनोज उप्रेती, डॉ उपासना दीक्षित, डॉ सीमा अग्निहोत्री चड्ढा ‘अदिति’, तरिन्दर कौर, नेहा अग्रवाल, प्रीति शर्मा, पी एन नेगी।
साझा संग्रह में सहभागिता करने वाले अन्य नामचीन व प्रख्यात कवि रहे – प्रेम जन्मेजय, जितेन्द्र श्रीवास्तव, लक्ष्मी शंकर बाजपेई, डॉ लालित्य ललित, डॉ आशा जोशी, अनूप तिवारी (पिथोरागढ़), आरती शर्मा (भोपाल), एम जोशी हिमानी (लखनऊ), तारा पाठक (हलद्वानी) , दीप पाण्डेय (काशीपुर), राजु पण्डेय, सुमिता प्रवीण (मुम्बई), हेम पंत ।
काव्यांजलि 2025 के बारे में बोलते हुए डॉ सुरेन्द्र सिंह रावत ने बताया की पिछले वर्ष काव्यांजलि 2024 में 25 रचनाकारों ने सहभागिता की थी और काव्यांजलि 2025 में 28 रचनाकारों की सहभागिता रही। कुछ कवियों को स्थानाभव के कारण शामिल नहीं किया जा सका।
आकाशवाणी के सहायक निर्देशक राम अवतार बैरवा ने काव्यांजलि 2025 में शामिल रचनाओं की भूरी भूरी प्रशंसा की।
आचार्य राजेश ने बताया की काव्यंजलि अब अपने आप में एक ब्रान्ड बनता जा रहा है।
दिविक रमेश ने ‘काव्यंजलि 2025’ के आवरण व त्रुटि रहित सम्पादन के लिए सम्पादक द्वय की प्रशंसा की और बताया की इस तरह के प्रयास निरन्तर होने चाहिएं। आपने आगे कहा की कविता का लिखा जाना एक सतत भवनात्मक प्रक्रिया है और सभी भाषाओं में निरन्तर साहित्य लिखा जाना चाहिए।
आपने टिप – द पब्लिशर की काव्यंजलि 2025 प्रकाशन के लिए प्रशंसा की तथा काव्यंजलि 2026 के प्रकाशन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।
डॉ उपासना दीक्षित व तरिंदर कौर ने सभा का बड़ा सुरुचिपूर्ण संचालन किया।
मशहूर सम्पादकसव कवि अरविंद पथिक ने समारोह की सफलता के लिए सभी का धन्यवाद किया विशेषकर क्रिएटिव कल्चर की पूरी टीम व गोवो सदस्य वैलफेयर एसोसिएशन क्लब हाउस के सभी पदाधिकारियों का




